कुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, बताया 30 लोगों की हुई मौत; हादसे की वजह भी बताई
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी कुंभ मेले में मंगलवार की रात तक़रीबन डेढ़ बजे एक घाट पर भगदड़ मची, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे में दर्जनों ज़ख़्मी भी हुए हैं.
प्रशासन ने शाम तक मौतों की संख्या के बारे में कोई बयान नहीं दिया था.
Feb 11, 2025, 20:59 IST
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बाद में डीआईजी, महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र वैभव कृष्ण ने शाम को मीडिया से कहा कि, "महाकुंभ भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई जिसमें से 25 की पहचान हो गई है. 60 घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. "
उन्होंने घटना का कारण बताते हुए कहा, "अखाड़ा क्षेत्र में बैरिकेड्स लगे हुए हैं. इनमें से कुछ बैरिकेड्स टूट गए. कई श्रद्धालु जो ब्रह्म मुहूर्त का इंतज़ार करते हुए घाट पर ही लेटे हुए थे तभी कई दूसरे श्रद्धालु वहाँ पहुँच गए. वो देख नहीं पाए कि नीचे कौन लेटे हैं, और इस तरह ये दुर्घटना हो गई."
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान, बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे एक घाट पर भगदड़ मचने से कम से कम 30 लोगों की मृत्यु हो गई और दर्जनों घायल हो गए। प्रशासन ने घटना के 17 घंटे बाद इस पर चुप्पी तोड़ते हुए मौतों की संख्या की पुष्टि की। डीआईजी महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र, वैभव कृष्ण, ने बताया कि मृतकों में से 25 की पहचान हो चुकी है और 60 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अखाड़ा क्षेत्र में लगे बैरिकेड्स में से कुछ टूट गए थे। कई श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार करते हुए घाट पर लेटे हुए थे, तभी अन्य श्रद्धालु वहां पहुंच गए और नीचे लेटे लोगों को नहीं देख पाए, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना मर्माहत करने वाली है और एक सबक भी है। उन्होंने इसकी न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं और स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।
इस घटना के बाद, आने वाले स्नान पर्वों पर और कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार प्रयागराज जाएंगे और घटना के कारणों की पड़ताल करेंगे।
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