स्टेशन की मरम्मत, 900 घंटे रिसर्च और 150 से ज्यादा प्रयोग... सुनीता विलियम्स ने 9 महीने स्पेस में क्या किया?
9 महीने सुनीता विलियम्स ने स्पेस स्टेशन पर किया क्या? अंतरिक्ष स्टेशन की मरम्मत की. 900 घंटे रिसर्च किया. 150 से अधिक प्रयोग किए. 9 बार स्पेसवॉक किया, जिसमें 62 घंटे लगे. अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली महिला बनी.
Mar 25, 2025, 05:09 IST
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सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर 5 जून 2024 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचे. उनकी यात्रा केवल 8 दिनों की थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें 9 महीनों तक वहां रहना पड़ा. अपने लंबे मिशन के दौरान, विलियम्स विभिन्न कार्यों में सक्रिय रहीं.
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने 9 महीने के अंतरिक्ष मिशन के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनमें अंतरिक्ष स्टेशन की मरम्मत, 900 घंटे से अधिक रिसर्च और 150 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग शामिल थे। उनका मिशन विज्ञान और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।
सुनीता विलियम्स के स्पेस मिशन की मुख्य उपलब्धियां
1. अंतरिक्ष स्टेशन की मरम्मत और सुधार कार्य
उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के कई उपकरणों और प्रणालियों की मरम्मत की।
बाहरी मरम्मत के लिए उन्होंने स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में चहलकदमी) भी किए, जो बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
नए मॉड्यूल और उपकरणों की इंस्टॉलेशन भी उनकी ज़िम्मेदारियों में शामिल थी।
2. 900 घंटे से ज्यादा वैज्ञानिक रिसर्च
उन्होंने बायोलॉजी, मेडिसिन, फिजिक्स और इंजीनियरिंग से जुड़े कई प्रयोग किए।
माइक्रोग्रैविटी (शून्य गुरुत्वाकर्षण) का मानव शरीर और पौधों पर प्रभाव समझने के लिए रिसर्च की।
अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने से हड्डियों, मांसपेशियों और दिल पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया।
3. 150 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग
उन्होंने अंतरिक्ष में पानी को रिसाइकल करने, नई ऊर्जा तकनीकों और रोबोटिक्स पर प्रयोग किए।
डीएनए अनुक्रमण (DNA sequencing) जैसे महत्वपूर्ण परीक्षणों को अंजाम दिया, जिससे भविष्य में मंगल और अन्य ग्रहों पर जाने के मिशनों की तैयारी हो सके।
उन्होंने भविष्य के मिशनों के लिए स्पेस में रहने की नई तकनीकों को भी परखा।
4. स्पेस में फिटनेस और हेल्थ मेंटेनेंस
सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में योग और एक्सरसाइज की, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने स्पेस मैराथन भी पूरी की, जो अंतरिक्ष यात्रियों की फिटनेस को साबित करने का एक उदाहरण था।
मिशन का महत्व
सुनीता विलियम्स के इस मिशन ने भविष्य में मंगल और चंद्रमा पर जाने वाले अभियानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। उनके किए गए प्रयोग और तकनीकी सुधार स्पेस एक्सप्लोरेशन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे।
उनका यह मिशन साबित करता है कि भारतीय मूल की यह महिला अंतरिक्ष यात्री विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी प्रेरणा हैं!