Iftar Party: नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी में नहीं शामिल होगा बिहार का यह प्रमुख मुस्लिम संगठन, कर दी घोषणा
बिहार में एक प्रमुख मुस्लिम संगठन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इफ्तार के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। संगठन का कहना है कि वह वक्फ विधेयक के प्रति नीतीश कुमार के समर्थन का विरोध कर रहा है। उनका मानना है कि यह विधेयक मुसलमानों के आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन को बढ़ावा देगा। रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जाएगा।
Mar 23, 2025, 11:06 IST
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 23 मार्च 2025 को आयोजित इफ्तार पार्टी का राज्य के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इन संगठनों में इमारत-ए-शरिया, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमीयत अहले हदीस, जमात-ए-इस्लामी हिंद, खानकाह मुजीबिया और खानकाह रहमानी शामिल हैं।
इन संगठनों ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन के विरोध में यह कदम उठाया है। उनका मानना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है, संवैधानिक संरक्षण का उल्लंघन करता है और मुसलमानों की आर्थिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन को और गहरा करता है।
इमारत-ए-शरिया के महासचिव मुफ्ती सईदुर्रहमान ने कहा कि नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी में हमारे धार्मिक संगठन शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए वक्फ संशोधन बिल पर जदयू के समर्थन के फैसले के कारण हमने मुख्यमंत्री की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार किया है।
इन संगठनों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आपकी सरकार का मुसलमानों की जायज मांगों को नजरअंदाज करना इस तरह की औपचारिक दावतों को निरर्थक बना देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार का भाजपा के साथ गठबंधन और असंवैधानिक कानून का समर्थन उनकी घोषित प्रतिबद्धताओं के खिलाफ है।
इस घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल का समर्थन तो ताजा मामला है। यह वही नीतीश हैं जिन्होंने सीएए का भी समर्थन किया। तीन तलाक पर भी भाजपा के साथ थे। राजद ने मुस्लिम संगठनों के इस बहिष्कार का स्वागत किया है।
इस प्रकार, वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन के विरोध में बिहार के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने उनकी इफ्तार पार्टी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।